Sunday, January 18, 2009

खुस्रो : माशा-अल्लाह क्या लिखा है

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाय के,
नैना मिलाय के मोसे सैना मिलाय के|
प्रेम भट्टी का मदवा पिलाय के मतवारी कर दीनी रे,
मोसे नैना मिलाय के|
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बल बल जाऊँ मैं तोरे रंग रजवा,
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"ऐसी रंग दो की रंग नाहीं छूटे,
धोबिया धोले चाहे सारी उमरिया"
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बल बल जाऊँ मैं तोरे रंग रजवा,
अपनी सी रंग दीनी रे मोसे नैना मिलाय के|
------------------------------------------------------------ गोरी गोरी बैय्याँ हरी हरी चूडियाँ,
बैयाँ पकड़ हर लीनी, मोसे नैना मिलाय के|
--------------------------------------------- खुस्रो निज़ाम ,के बल बल जैय्याँ,
मोहे सुहागन कीनी जी मोसे नैना मिलाय के| ----------------------------------------------

away from all emotions and bonds: Its a real bliss

आओ सखी मिल चौसर खेले, पिया अपने के साथ|

जीती तो पिया मिलेंगे, हारी तो पिया के हाथ||


here piya is symbolic to "Knowledge of existence"

Sunday, January 11, 2009

मेरा क्या था तेरे हिसाब में

मेरा क्या था तेरे हिसाब में,
मेरा साँस साँस उधार था,
जो गुज़र गया वो तो वक्त था,
जो बचा रहा वो गुब्बार था||

जब भी आंखों में अश्क भर आए

जब भी आंखों में अश्क भर आए,
लोग कुछ डूबते नज़र आए||

मुद्दते हो गई सहर देखे,
कोई आहट कोई ख़बर आए||

चाँद जितने भी गुम हुए शब् के,
सब के इल्ज़ाम मेरे सर आए||

मुझको अपना पता ठिकाना मिले,
वो भी एक बार मेरे घर आए||

कोई अटका हुआ है पल शायद

कोई अटका हुआ है पल शायद,
वक्त में पड़ गया है बल शायद||

आ रही है जो चाप क़दमों की,
खिल रहे हैं कहीं कवँल शायद||

दिल अगर है तो दर्द भी होगा,
इसका कोई नहीं है हल शायद||

राख को भी कुरेद कर देखो,
अब भी जलता हो कोई पल शायद||

सहमा सहमा सा

सहमा सहमा सा डरा सा रहता है,
जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है,

काई सी जम गई है आंखों पर,
सारा मंज़र हरा सा रहता है||

एक पल देख लूँ तो उठता हूँ,
जल गया सब, ज़रा सा रहता है||

इश्क में और कुछ नहीं होता,
आदमी बावरा सा रहता है||

Thursday, January 8, 2009

जुस्तजू जिसकी थी

जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने,
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने||

तुझको रुसवा ना किया, ख़ुद भी पशेमा ना हुए,
इश्क की रस्म को इस तरह निभाया हमने||

कब मिली थी कहाँ बिछड़ी थी,हमें याद नहीं, 
जिंदगी तुझको तो बस ख्वाब में देखा हमने||  

उम्र का लंबा सफर तय किया तन्हा हमने||

जुस्तजू जिसकी थी, उसको तो ना पाया हमने,
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने||